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मित्र का चित्र सदैव दिल मे रहता है, मित्र वह इत्र है जिसकी खुशबू सदैव पास रहती है,सच्चा मित्र शरीर का अंग है , दाहिना हाथ है , जरूरत पर साथ है..........